एक तारा जो हर पल मौत के मुँह के पास से गुज़रता है

कल्पना कीजिए एक तारा है, और वह हर बार अपनी परिक्रमा में किसी ऐसी जगह से गुज़रता है जहाँ से लौटना नामुमकिन भी हो सकता है। फिर भी वह लौट आता है, बार-बार, साढ़े आठ साल के एक चक्र में। यही कहानी है S301 नाम के तारे की।
फैक्ट-शीट के अनुसार यह वीडियो चार साल के अवलोकनों का एक टाइम-लैप्स है, जो S301 को हमारी आकाशगंगा के केंद्र में बैठे धनु A* नाम के ब्लैक होल के चारों ओर घूमते दिखाता है। यह ब्लैक होल सूरज से लगभग चालीस लाख गुना भारी है। S301 को 2023 में चिली के अटाकामा रेगिस्तान में स्थित यूरोपियन साउदर्न ऑब्ज़र्वेटरी के वेरी लार्ज टेलीस्कोप इंटरफेरोमीटर से खोजा गया था। खगोलशास्त्रियों ने पाया कि यह तारा लगभग साढ़े आठ साल में एक चक्कर पूरा करता है, और इस दौरान इसकी रफ़्तार पच्चीस हज़ार किलोमीटर प्रति सेकंड तक पहुँच जाती है। अपने निकटतम बिंदु पर यह ब्लैक होल के उतना करीब आ जाता है जितनी दूरी शनि और सूरज के बीच है — किसी भी अब तक मिले तारे से ज़्यादा करीब।
यही निकटता इसे खास बनाती है। जब कोई तारा इतने पास से गुज़रता है, तो वह आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत को परखने का मौका देता है। इस सिद्धांत के अनुसार घूमता हुआ ब्लैक होल अपने चारों ओर अंतरिक्ष-काल के ताने-बाने को भी साथ खींचता है, और इसका असर नज़दीकी वस्तुओं की कक्षा पर पड़ता है। S301 की गति नापकर वैज्ञानिक यह जान सकते हैं कि धनु A* खुद कितनी तेज़ी से घूम रहा है।
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रात में जब आप आकाश की ओर देखें और धनुष तारामंडल की दिशा में निगाह डालें, याद रखिए कि वहीं कहीं, हमारी आँखों से छिपा, यह छोटा तारा अभी भी अपनी उस खतरनाक मगर नियमित परिक्रमा पर है।